Dr Zakir Naik Vs Sri Sri Ravi Shankar Debate Full Link In Hindi Today

उन्होंने कहा कि ईश्वर निराकार (बिना रूप के) भी है और वह हर कण में समाया हुआ है। मूर्ति पूजा को उन्होंने ईश्वर को याद करने का एक माध्यम बताया, न कि अंतिम सत्य।

अंततः, यह चर्चा इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सभी धर्मों का सार प्रेम, शांति (Peace) और ईश्वर की भक्ति है। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi

इस बहस के बाद लोगों में वेदों, उपनिषदों और कुरान को एक साथ समझने की जिज्ञासा बढ़ी। Zakir Naik Sri Sri Ravi Shankar

हाल के वर्षों में, दो प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं के बीच एक उच्च-प्रोफाइल बहस ने पूरे भारत में चर्चा और विवाद को जन्म दिया है। डॉ. जाकिर नाइक, एक प्रसिद्ध मुस्लिम विद्वान और इस्लामी प्रचारक, और श्री श्री रवि शंकर, एक प्रमुख हिंदू आध्यात्मिक नेता और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक, के बीच यह बहस कई महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित थी। इस लेख में, हम इस बहस के मुख्य बिंदुओं और इसके निहितार्थों का विश्लेषण करेंगे। न कि अंतिम सत्य। अंततः

उत्तर: डॉ. नाइक ने 'निराकार ईश्वर' और 'तौहीद' (इस्लामिक मोनोलिथिज्म) पर जोर दिया, जबकि श्री श्री ने 'निराकार' और 'साकार' दोनों को ईश्वर के रूप में स्वीकार किया।

यह ऐतिहासिक बहस 21 जनवरी, 2006 को बैंगलोर, भारत में आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय (The Concept of God in Islam and Hinduism in the Light of Sacred Scriptures) था।

The 2006 interfaith dialogue between Dr. Zakir Naik Sri Sri Ravi Shankar